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भगवान शिव का अनन्य भक्त था रावण : श्यामलाल-ठाकुरद्वारा रामलीला में पहुंचे सपा के पूर्व जिला अध्यक्ष, लक्ष्मण शक्ति और संजीवनी बूटी प्रसंग का भावपूर्ण मंचन

खतौली। ठाकुरद्वारा बड़ा बाजार में आयोजित 116वें वार्षिकोत्सव रामलीला में रविवार को लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध, लक्ष्मण शक्ति और हनुमान जी के संजीवनी बूटी लेकर लौटने के प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने अभिनय से रामायण के इन महत्वपूर्ण प्रसंगों को जीवंत कर दिया। इस दौरान समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक श्यामलाल बच्ची सैनी भी रामलीला देखने पहुंचे। उन्होंने रामलीला कमेटी को 5100 रुपये की सहयोग राशि देकर आयोजन को प्रोत्साहित किया।
पूर्व विधायक श्यामलाल बच्ची सैनी ने कहा कि रामलीला भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और मर्यादा का महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसके माध्यम से समाज को धर्म, कर्तव्य, त्याग और आदर्श जीवन की सीख मिलती है। रामायण के प्रसंग आज भी लोगों को सही मार्ग पर चलने और अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने चित्रकूट से आए कलाकारों के अभिनय की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रावण के व्यक्तित्व का उल्लेख करते हुए श्यामलाल बच्ची सैनी ने कहा कि रावण महान विद्वान होने के साथ भगवान शिव का अनन्य भक्त भी था। उसके ज्ञान और शिवभक्ति की चर्चा आज भी होती है। उन्होंने कहा कि रामायण का संदेश केवल अच्छाई की बुराई पर विजय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी सिखाता है कि ज्ञान, शक्ति और सामर्थ्य होने के बावजूद मनुष्य को धर्म और मर्यादा का पालन करना चाहिए। अहंकार और गलत निर्णय बड़े से बड़े साम्राज्य के विनाश का कारण बन सकते हैं। रामायण के विभिन्न प्रसंगों में पारिवारिक सम्मान, कर्तव्य, त्याग और मर्यादा की महत्वपूर्ण शिक्षाएं निहित हैं। रामलीला के मंचन में लक्ष्मण और मेघनाद के बीच भीषण युद्ध दिखाया गया। युद्ध के दौरान मेघनाद के शक्ति बाण से लक्ष्मण मूर्छित होकर रणभूमि में गिर पड़े। लक्ष्मण को मूर्छित देखकर भगवान श्रीराम व्याकुल हो उठे। इसके बाद लक्ष्मण के प्राण बचाने के लिए हनुमान जी संजीवनी बूटी लाने के लिए रवाना हुए। संजीवनी बूटी लेकर हनुमान जी के लौटने और उसके प्रभाव से लक्ष्मण के होश में आने के दृश्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया। लक्ष्मण के स्वस्थ होते ही रामदल में खुशी की लहर दौड़ गई। कलाकारों के सजीव अभिनय और प्रभावशाली संवादों पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उत्साह बढ़ाया। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नगरवासी मौजूद रहे। पूर्व विधायक की ओर से 5100 रुपये की सहयोग राशि दिए जाने पर रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने उनका आभार जताया। आयोजकों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और समाज के लोगों के सहयोग से धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को नई ऊर्जा मिलती है। ऐसे आयोजन समाज में धार्मिक चेतना बढ़ाने के साथ ही भारतीय संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं।

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