मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के मेरठ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए बुधवार को जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में माइक्रो ऑब्जर्वरों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रेक्षकों को उनके दायित्वों, मतदान प्रक्रिया की निगरानी और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान प्रत्येक स्तर पर सतर्कता बरती जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
जिलाधिकारी ने बताया कि मेरठ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतदान कराने के उद्देश्य से सभी मतदान पार्टियां 22 अक्टूबर को सुबह 10 बजे विकास भवन से अपने निर्धारित मतदान स्थलों के लिए रवाना होंगी। मतदान 23 अक्टूबर को संपन्न कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने में माइक्रो ऑब्जर्वरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी प्रेक्षक अपने दायित्वों को गंभीरता से समझें और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य करें। जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण के दौरान माइक्रो ऑब्जर्वरों को निर्देश दिए कि उन्हें जो जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, उनका पूरी निष्ठा और गंभीरता से निर्वहन करें। आयोग की ओर से उपलब्ध कराई गई चेकलिस्ट को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सही तरीके से भरें। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के सभी दिशा-निर्देशों को अच्छी तरह समझ लें, ताकि मतदान के दिन किसी तरह की असमंजस की स्थिति न बने। उन्होंने निर्देश दिए कि माइक्रो ऑब्जर्वर मतदान शुरू होने से कम से कम एक घंटे पहले अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर पहुंच जाएं। यदि किसी अपरिहार्य कारण से मतदान के दिन सुबह समय पर पहुंचना संभव न हो, तो उन्हें मतदान से एक दिन पहले शाम को ही मतदान केंद्र पर पहुंचने की व्यवस्था करनी चाहिए। प्रशिक्षण में जिलाधिकारी ने कहा कि मतदान केंद्र पर पहुंचने के बाद माइक्रो ऑब्जर्वर सबसे पहले मतदान की तैयारियों का आकलन करें। मतदान शुरू होने से लेकर प्रक्रिया पूरी होने तक महत्वपूर्ण बिंदुओं पर नजर रखें और निर्धारित प्रपत्र में नियमित रूप से आवश्यक जानकारियां दर्ज करें। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि मतदान प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से संचालित हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि माइक्रो ऑब्जर्वर की भूमिका निगरानी करने की है। वह किसी भी परिस्थिति में पीठासीन अधिकारी या मतदान अधिकारी के रूप में कार्य नहीं करेंगे। उनका मुख्य दायित्व मतदान प्रक्रिया का अवलोकन करना और निर्धारित बिंदुओं के आधार पर रिपोर्ट तैयार करना है, ताकि निर्वाचन की पारदर्शिता बनी रहे। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी देश दीपक सिंह ने माइक्रो ऑब्जर्वरों को विस्तार से प्रशिक्षण दिया। उन्होंने निर्वाचन संबंधी जिम्मेदारियों, मतदान केंद्र पर की जाने वाली निगरानी और निर्धारित प्रपत्रों को सही तरीके से भरने के बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी कलेक्ट्रेट कृष्णकांत, माइक्रो ऑब्जर्वर और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सभी प्रेक्षकों से निर्वाचन कार्य को पूरी जिम्मेदारी के साथ संपन्न कराने और आयोग के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की अपेक्षा की।













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