खतौली। चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेता अंकुश प्रधान को पुलिस ने रोककर उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। दिल्ली कूच से पहले हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई। किसान नेता ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठाना चाहते हैं।
अंकुश प्रधान के अनुसार, देर रात पुलिस को उनके दिल्ली रवाना होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस उनके आवास पर पहुंच गई। उन्होंने बताया कि वह पुलिस को चकमा देकर भगेला चेकपोस्ट तक पहुंच गए थे, लेकिन वहां पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद उन्हें वापस उनके आवास पर ले जाया गया और नजरबंद कर दिया गया। भाकियू (टिकैत) के नेता राकेश टिकैत के आह्वान पर किसानों से दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की गई थी। संगठन चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इसी आंदोलन में शामिल होने के लिए अंकुश प्रधान दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे थे। अंकुश प्रधान ने कहा कि किसान अपनी मांगों को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना चाहते हैं। उनका उद्देश्य किसी प्रकार का उपद्रव करना नहीं है। उन्होंने कहा कि अपनी बात रखने के लिए प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है। चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर उनका विरोध जारी रहेगा। दिल्ली कूच से पहले किसान नेता को नजरबंद किए जाने की कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चा रही। वहीं, किसान नेता ने स्पष्ट किया कि वह अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं।














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