खतौली। ठाकुरद्वारा बड़ा बाजार में आयोजित रामलीला के 116वें वार्षिकोत्सव में धार्मिक परंपराओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया जा रहा है। इसी क्रम में सरयू पार की लीला के लिए निकली यात्रा ने नगर में भक्तिमय माहौल बना दिया। बाजार से होते हुए गंग नहर की ओर बढ़ी यात्रा का लोधा कॉलोनी के बाहर नगरवासियों ने भव्य स्वागत किया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया। इसके बाद सरयू पार करने की लीला का मंचन किया गया। धार्मिक उल्लास के बीच निकली यात्रा ने रामलीला के प्रति लोगों की आस्था को दर्शाया।
रामलीला के अगले प्रसंग में श्रवण कुमार की मातृ-पितृ भक्ति पर आधारित नाटक का मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने सजीव अभिनय से श्रवण कुमार के त्याग, समर्पण और माता-पिता के प्रति अटूट सेवा भाव को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। मंचन के दौरान श्रवण कुमार की कर्तव्यनिष्ठा और अपने माता-पिता के प्रति श्रद्धा का चित्रण देखकर दर्शक भावुक हो उठे। नाटक के माध्यम से संदेश दिया गया कि माता-पिता की सेवा, सम्मान और उनकी जरूरतों का ध्यान रखना प्रत्येक संतान का प्रमुख कर्तव्य है। श्रवण कुमार का जीवन भारतीय संस्कृति में माता-पिता के प्रति समर्पण और पारिवारिक संस्कारों का प्रतीक है। कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों को इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। रामलीला के इस प्रसंग ने धार्मिक कथा के साथ सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों का भी संदेश दिया। रामलीला के सफल आयोजन में समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सहयोग किया। समिति अध्यक्ष गणेश शंकर पालीवाल, कोषाध्यक्ष नवीन गुप्ता, मंत्री राजेंद्र जैन, कुलबीर सिंह कर्णवाल, दुष्यंत शर्मा अन्नू, ज्ञानेश्वर शर्मा, परवीन शर्मा, सतीश वर्मा, अनुपम गौड़, मनोज सैनी, कन्हैया मित्तल, आदर्श नागर, बृजभूषण, राजेंद्र वर्मा, अनिल त्यागी, मनन गुप्ता, शिवम मित्तल और गौरव शर्मा सहित अन्य सदस्यों ने आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग दिया। रामलीला के माध्यम से नगर में धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति और संस्कारों का संदेश प्रसारित किया जा रहा है।














Leave a Reply