मुजफ्फरनगर के शेरनगर स्थित सिद्धपीठ प्राचीन श्री शिव मंदिर में महंत कन्हैया गिरि महाराज की 84 दिवसीय खड़ी तपस्या विधिवत संपन्न हो गई। तपस्या पूर्ण होने पर मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान, हवन-पूजन और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दिव्य ध्यान योग आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी श्रीभगवान आश्रम महाराज ने मंदिर पहुंचकर महंत कन्हैया गिरि महाराज को सम्मानित किया और उनकी कठिन साधना, दृढ़ इच्छाशक्ति तथा अटूट संकल्प की सराहना की। धार्मिक आयोजन में साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया तथा संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया।
महंत कन्हैया गिरि महाराज, महंत स्वतंत्र गिरि महाराज के शिष्य हैं। उनकी 84 दिनों तक चली खड़ी तपस्या के समापन को लेकर मंदिर परिसर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल रहा। स्वामी श्रीभगवान आश्रम महाराज ने उन्हें तपस्या सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इतनी लंबी अवधि तक कठिन साधना करना धैर्य, आत्मसंयम, दृढ़ इच्छाशक्ति और ईश्वर के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कामना की कि ईश्वर महंत कन्हैया गिरि महाराज को शक्ति प्रदान करें और उनकी साधना से आध्यात्मिक चेतना, आत्मिक शांति तथा जनकल्याण की भावना और अधिक प्रबल हो। स्वामी श्रीभगवान आश्रम महाराज ने कहा कि भारतीय संत परंपरा में तपस्या और साधना का विशेष स्थान है। संत-महात्माओं का जीवन समाज को संयम, श्रद्धा और आध्यात्मिकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। कठिन परिस्थितियों में भी अपने संकल्प पर अडिग रहना साधना की महत्वपूर्ण विशेषता है। महंत कन्हैया गिरि महाराज ने जिस निष्ठा और समर्पण के साथ 84 दिवसीय खड़ी तपस्या पूरी की है, वह उनकी आध्यात्मिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मंदिर पहुंचने पर महंत कन्हैया गिरि महाराज और अन्य साधु-संतों ने स्वामी श्रीभगवान आश्रम महाराज तथा उनके साथ आए गणमान्य लोगों का स्वागत किया। संतों की उपस्थिति और धार्मिक अनुष्ठानों से मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने तपस्या के सफल समापन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता की। महंत कन्हैया गिरि महाराज ने बताया कि तपस्या के समापन के उपलक्ष्य में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के तहत रात नौ बजे से हरियाणा की भजन मंडली ने भव्य जागरण प्रस्तुत किया। इसके बाद सुबह आठ बजे से हवन-यज्ञ हुआ, जिसमें विधि-विधान के साथ आहुतियां अर्पित की गईं। धार्मिक अनुष्ठान के बाद पूर्वाह्न 11 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर धर्मलाभ प्राप्त किया। आयोजन से संबंधित जानकारी देते हुए बताया गया कि कार्यक्रम में श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के पीठाधीश्वर एवं आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान के भाई विवेक बालियान, प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, दिव्य ध्यान योग आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी श्रीभगवान आश्रम महाराज तथा शंकर सिंह भोला के भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहने की जानकारी दी गई। 84 दिवसीय खड़ी तपस्या का समापन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से श्रद्धालुओं के लिए विशेष अवसर रहा। भजन-जागरण, हवन-यज्ञ और भंडारे के माध्यम से लोगों ने धार्मिक आस्था प्रकट की और संतों का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर महंत सोमदास महाराज, आकाश गिरि महाराज, नीलम शर्मा, गोपाल शर्मा, नितिन कुमार, मोनू शर्मा और सेठपाल उपाध्याय सेठी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति तथा श्रद्धालु मौजूद रहे।












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