मुजफ्फरनगर शहर के जानसठ रोड स्थित वशिष्ठ हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर आशीष वशिष्ठ ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर जाट महासभा के सचिव जयवीर सिंह पर 10 लाख की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। उधर जयवीर सिंह आरोप को खारिज करते हुए कहा कि चिकित्सक के खिलाफ पहले से एफआईआर दर्ज है। तमाम आरोप झूठे और उनमें किसी तरह की सच्चाई नहीं है।
वशिष्ठ हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर आशीष वशिष्ठ ने आईएमए से जुडे़ चिकित्सकों के साथ एसएसपी को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया कि जाट महासभा का सचिव बताने वाले जयवीर सिंह शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायियों और डॉक्टरों के खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज कराकर अवैध वसूली का करता रहा। डॉक्टर आशीष वशिष्ठ का कहना है कि आरोपी ने उनके अस्पताल के खिलाफ झूठी शिकायत कराई थी। हालांकि मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा कराई गई जांच के बाद शिकायत निराधार पाई गई और कोई चिकित्सीय लापरवाही सिद्ध नहीं हुई। इसके बावजूद आरोपी और उसके साथियों द्वारा डॉक्टर की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई जा रही है। आरोप है कि अस्पताल को शांतिपूर्ण ढंग से चलाने के एवज में आरोपी ने डॉक्टर से 10 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की। रुपये देने से मना करने पर आरोपी ने एसडीएम और विभिन्न विभागों में शिकायत कर अस्पताल बंद करवाने तथा जान से मारने की धमकी दी गई। इन आरोपों को लेकर जाट महासभा के सचिव जयवीर सिंह का कहना है कि चिकित्सक की लापरवाही के कारण उसकी भाभी की मौत हो गई थी। इस मामले में उनके द्वारा चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसी खुन्नस में रंगदारी आदि के झूठे आरोप लगाए गए है। उन्होंने किसी तरह की क्लीनचिट मिलने से इंकार किया है।














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