मुजफ्फरनगर। गांधी जयंती के अवसर पर जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. स्वाति शर्मा ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकगण को शुभकामनाएं देते हुए महात्मा गांधी के जीवन और उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गांधीजी ने सत्य और अहिंसा जैसे मूल्यों के माध्यम से पूरी दुनिया को नई दिशा देने का काम किया। उनका जीवन इस बात की प्रेरणा देता है कि वास्तविक शक्ति हथियारों में नहीं, बल्कि चरित्र, साहस और दृढ़ संकल्प में होती है।
डॉ. स्वाति शर्मा ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन आज भी प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणा का स्रोत है। गांधीजी का संदेश था कि दुनिया में जिस बदलाव को हम देखना चाहते हैं, उसकी शुरुआत स्वयं से करनी चाहिए। यदि व्यक्ति अपने व्यवहार में ईमानदारी, कार्यों में अनुशासन तथा दूसरों के प्रति करुणा और सम्मान का भाव रखे तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि गांधीजी के आदर्शों को केवल किताबों और भाषणों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें अपने दैनिक जीवन में व्यवहार का हिस्सा बनाया जाए। स्वच्छता के प्रति जागरूक रहना, सादगीपूर्ण जीवन अपनाना, आत्मनिर्भर बनने का प्रयास करना और सभी के साथ प्रेम व सद्भाव से व्यवहार करना गांधीजी के विचारों को सच्चे अर्थों में अपनाना है। प्रिंसिपल ने विद्यार्थियों से अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने, प्रत्येक व्यक्ति के प्रति सहिष्णुता और सम्मान का भाव रखने तथा विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य के मार्ग पर दृढ़ रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी यदि गांधीजी के आदर्शों को अपने जीवन में उतारती है तो समाज को अधिक स्वच्छ, सशक्त और सौहार्दपूर्ण बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। इस अवसर पर उन्होंने सभी से संकल्प लेने का आह्वान किया कि गांधीजी के विचारों को केवल पढ़ा और सुना नहीं जाएगा, बल्कि उन्हें व्यवहार में उतारकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, अनुशासन और आपसी सद्भाव जैसे मूल्यों को अपनाकर ही बेहतर समाज और सशक्त भारत का निर्माण किया जा सकता है।














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