मुजफ्फरनगर। शेरपुर में चकरोड पर कथित कब्जे को लेकर लगाए गए आरोपों कों प्रधान और हमीदुल्ला के खानदान के लोगों ने झूठ का पुलिंदा बताया है। उनका कहना है कि आरोपी ने दुकान पर कब्जे का प्रयास किया था, जिस पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। ग्रामीणों ने आरोपी पक्ष पर गैर कानूनी कार्याे को अंजाम देने के आरोप लगाए है।
शेरपुर के हमीदुल्ला ने शनिवार को मीडिया सेंटर पहुंचकर प्रधान और अपने परिवार के कुछ लोगों पर चकरोड पर कब्जा हटाने की मांग को लेकर जान से मारने, अपहरण की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। रविवार को प्रधान शोएब ने हमीदुल्ला परिवार के सनाउल्ला, सावेज, सद्दाम आदि के साथ मीडिया सेंटर पहुंचकर अपना पक्ष रखा। प्रधान शोएब का कहना था कि आरोपी हमीदुल्ला ने अपने भाई की दुकान पर जबरन कब्जा कर लिया था। इसे लेकर पंचायत भी हुई थी, लेकिन कोई फैसला नहीं हो सका था। बाद में दोनों पक्षों में मारपीट हो गई थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित पक्ष को दुकान पर कब्जा दिलाने के साथ मारपीट करने वाले हमीदुल्ला आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। प्रधान ने बताया कि चकरोड को लेकर विवाद अलग है, जिसमें तीन बार राजस्व की टीम आकर जांच पडताल कर चुकी है। इस चकरोड से उनका दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। उनका आरोप था कि हमीदुल्ला खुद अनैतिक कार्याे में लिप्त है। यदि उसके कार्याे की गहराई से जांच की जाए तो कई राज खुल सकते है।














Leave a Reply