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चकरोड कब्जे के विवाद में परिवार को धमकाने का आरोप, पीड़ितों ने बताई आपबीती

मुजफ्फरनगर। गांव शेरपुर में सरकारी भूमि पर दर्ज चकरोड पर कथित कब्जे को लेकर चल रहे विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। पीड़ित हमीदुल्ला ने मीडिया सेंटर में वार्ता कर मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए आरोप लगाया कि चकरोड से कब्जा हटाने की मांग करने पर कुछ लोगों ने उसके और उसके परिवार को जान से मारने, अपहरण कराने और बेटियों को बदनाम करने की धमकियां दीं। पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजकर कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
पीड़ित के अनुसार, गांव समाज शेरपुर की भूमि के खसरा संख्या 924, 936, 835 और 842 में राजस्व अभिलेखों में चकरोड दर्ज है। आरोप है कि उक्त चकरोड पर गांव के कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि लेखपाल भूपेंद्र सिंह और ग्राम प्रधान सुरैब पर भी कब्जा कराने में मिलीभगत और आर्थिक लेनदेन के आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में उसने पूर्व में भी पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया था। हमीदुल्ला का कहना है कि 26 अक्तूबर 2025 को उसके साथ मारपीट, लूट और उसकी दुकान व मकान के बैनामे के कागजात जबरन ले जाने की घटना के संबंध में भी शिकायत की गई थी। उसके अनुसार, पुलिस की जांच के बाद उस समय गांव के लोगों के बीच आपसी समझौता हुआ था। कब्जा करने वाले लोगों ने चकरोड खाली करने की बात कही थी, लेकिन आरोप है कि बाद में चकरोड से कब्जा नहीं हटाया गया। पीड़ित के मुताबिक, उसने कई बार संबंधित लोगों से समझौते के अनुसार चकरोड खाली करने के लिए कहा। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि उसे और उसके परिवार को गांव से निकालने, जमीन-जायदाद, मकान और दुकान पर कब्जा करने तथा परिवार के सदस्यों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराने की धमकियां दी गईं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 21 अगस्त 2026 को करीब 11 बजे ग्राम प्रधान सुरैब समेत कई लोग लाठी-डंडे, छीनियां और हथौड़े लेकर उसके मकान पर पहुंचे। आरोप है कि गाली-गलौज करते हुए उसे घर से बाहर निकलने के लिए कहा गया और चकरोड संबंधी शिकायत करने का परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उसके मकान में घुसने, उसे और उसकी पत्नी को बाहर खींचने तथा बच्चों को भी घर से निकालने का प्रयास किया। हमीदुल्ला ने आरोप लगाया कि उसकी दुकान के ताले तोड़ने और तोड़फोड़ करते हुए उस पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। आसपास के लोगों ने हस्तक्षेप कर किसी तरह मामला शांत कराया। आरोप है कि जाते समय भी परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता ने अपनी बेटियों के अपहरण और उन्हें बदनाम करने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया है। पीड़ित ने बताया कि कथित धमकियों के बाद उसका परिवार भयभीत है। उसने पुलिस-प्रशासन पर भरोसा जताते हुए कहा कि पूर्व में भी अधिकारियों की ओर से मदद मिली थी, इसलिए उसे इस मामले में भी न्याय और सुरक्षा की उम्मीद है। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि यदि उसके या उसके परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए शिकायत में नामजद लोगों को जिम्मेदार माना जाए। हमीदुल्ला ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से आरोपियों के खिलाफ तत्काल प्रभावी कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने, परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा चकरोड से कथित कब्जा हटवाने की मांग की है।

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