मुजनपद मुजफ्फरनगर में रालोद के अध्यक्ष और केन्द्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि जाति बंधन तोड़कर एक दूसरे का सम्मान करेंगे तो नफरत का भाव खुद-ब-खुद मिट जाएगा।उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर हमला बोलते कहा कि यदि उनकी पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष किसी समाज को लेकर अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करता तो वो अब तक पार्टी से बाहर होता।उन्होंने आईटीआई क्षेत्र में 241 करोड़ के निवेश की घोषणा भी की। रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केन्द्रीय मंत्री जयंत चौधरी रविवार को कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार द्वारा आयोजित सामाजिक समरसता सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की धरती चौधरी चरण सिंह और चौधरी अजित सिंह की कर्मभूमि रही है। इसलिए यहां नफरत के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। काफी समय पहले जरूर मुजफ्फरनगर में वैमनस्य की दीवार खड़ी करने की कोशिश की गई थी, लेकिन चौधरी अजित सिंह ने भाईचारा सम्मेलन कराकर उस एकता को बरकरार रखने का काम किया था। अब की सरकार की मंशा भी यही है कि किसी के साथ अन्याय न हो और सबका सम्मान हो। केन्द्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि वेस्ट यूपी में विकास और शांति व्यवस्था कायम कराना उनकी जिम्मेदारी है। पूरे इलाके में सामाजिक समरसता लाने के लिए रालोद इस तरह के सम्मेलन आयोजित कर रही है,क्यूंकि यह तभी संभव है, जब हम सब जाति तोडों मुहिम के तहत एक दूसरे का सम्मान करें। एक दूसरे का सम्मान होगा तो नफरत का भाव खुद-ब-खुद मिट जाएगा। सपा प्रमुख अखिलेश यादव को आडे हाथों लेते हुए कहा कि उन्हें किसानों और समाज से कोई लेना-देना नहीं है। वो तो सिर्फ समाज को बांटकर अपना उल्लू सीधा करना चाहते है। मीडिया से बात करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आईटीआई संस्थानों में 241 करोड़ का निवेश किया जाएगा। मुजफ्फरनगर के आईटीआई में आने वाले दिनों में कायापलट होगा।















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