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कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, जयकारों से गूंजा जानसठ रोड

मुजफ्फरनगर। जानसठ रोड स्थित आशीर्वाद बैंक्विट हॉल में बुधवार को श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का भव्य शुभारंभ मंगल कलश यात्रा के साथ हुआ। धार्मिक उल्लास और श्रद्धा से सराबोर कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सिर पर कलश धारण किए महिलाओं के साथ अन्य श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़े। इस दौरान पूरा क्षेत्र भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों और ‘राधे-राधे’ के उद्घोष से भक्तिमय हो गया।
कलश यात्रा में शामिल महिलाओं ने पीत वस्त्र धारण किए हुए थे। यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ी, श्रद्धालुओं का उत्साह भी बढ़ता गया। बैंड-बाजों और ढोल की थाप पर श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। मार्ग में कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने यात्रा का स्वागत करते हुए पुष्पवर्षा की। श्रद्धालुओं के बीच धार्मिक वातावरण बना रहा और बड़ी संख्या में लोगों ने कलश यात्रा के दर्शन किए। कथा स्थल पर कलश यात्रा के पहुंचने के बाद विधि-विधान के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया गया। इसके बाद कथा व्यास श्री हिमेश शास्त्री महाराज ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण मानव जीवन को भक्ति, सदाचार और आध्यात्मिक शांति की ओर ले जाने वाला दिव्य ग्रंथ है। कथा श्रवण से मनुष्य के भीतर भक्ति और सद्भाव की भावना जागृत होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और भागवत के प्रसंगों को श्रद्धा के साथ सुनने का आह्वान किया। कहा कि धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक विचार और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना भी है। आशीर्वाद बैंक्विट हॉल में चलने वाले इस सात दिवसीय धार्मिक आयोजन में कथा व्यास श्री हिमेश शास्त्री महाराज प्रतिदिन श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों का रसपान कराएंगे। कथा में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोवर्धन पूजा, रुक्मिणी विवाह सहित अन्य धार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने धर्मप्रेमी लोगों से कथा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने और भगवान श्रीकृष्ण की कथा का श्रवण कर धर्मलाभ उठाने की अपील की है।

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