समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने वाले सरदार सुखदर्शन सिंह बेदी का बुधवार को आकस्मिक निधन हो गया। वह लंबे समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। उनके निधन की खबर से पंजाबी समाज सहित विभिन्न वर्गों में शोक की लहर दौड़ गई। सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र में उनके योगदान को याद करते हुए बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। दोपहर बाद भोपा रोड स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
सरदार सुखदर्शन सिंह बेदी की अंतिम यात्रा गांधी कॉलोनी के लाल बाग स्थित उनके निवास से शुरू हुई। अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। उनके निधन को समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए लोगों ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में सामाजिक सरोकारों और समाज की एकजुटता को हमेशा महत्व दिया।
सरदार सुखदर्शन सिंह बेदी उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य रह चुके थे। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। वह पंजाबी समाज के संरक्षक होने के साथ गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे। विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं से जुड़कर उन्होंने समाज के बीच अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उनके सामाजिक जीवन का बड़ा हिस्सा समाजसेवा और सामुदायिक गतिविधियों से जुड़ा रहा। विभिन्न जिम्मेदारियों पर रहते हुए उन्होंने समाज के लोगों के बीच संपर्क और सहभागिता बनाए रखी। उनके निधन से सामाजिक और धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों ने एक अनुभवी मार्गदर्शक को खोने पर दुख व्यक्त किया। सरदार सुखदर्शन सिंह बेदी के निधन की सूचना मिलते ही उनके परिचितों, शुभचिंतकों और समाज के लोगों का उनके आवास पर पहुंचना शुरू हो गया। अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ उनके प्रति लोगों के सम्मान और जुड़ाव को दर्शा रही थी। गंभीर बीमारी से लंबे समय तक जूझने के बाद उनके निधन से परिवार और समर्थकों में शोक का माहौल है। भोपा रोड स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।












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