abhitak india

abhitakindia.com

मुजफ्फरनगर में बायो-सीएनजी क्षेत्र को मिलेगी नई रफ्तार

मुजफ्फरनगर। स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने और बायो-सीएनजी क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के विस्तार की दिशा में मुजफ्फरनगर में महत्वपूर्ण पहल की गई है। बुधवार को पलासा होटल एंड रिसॉर्ट में आर्किप्लग उज्जाला बायो एनर्जी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड का भव्य शुभारंभ हुआ। मुजफ्फरनगर में जल्द ही 40 टन का प्लांट लगने जा रहा है। कंपनी ने 2037 तक पांच हजार नए प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।
फिनलैंड की आर्किप्लग और भारत की उज्जाला बायो एनर्जी सॉल्यूशंस के सहयोग से स्थापित इस कंपनी का उद्देश्य उन्नत ड्राई तकनीक के माध्यम से देश में बायो-सीएनजी परियोजनाओं का विकास करना और हरित ऊर्जा उत्पादन की संभावनाओं को बढ़ाना है।
कंपनी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में जैव ऊर्जा क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों की जरूरत, जैविक कच्चे माल के बेहतर उपयोग और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार पर चर्चा की गई। कंपनी के प्रतिनिधि नीरज कुमार सिंह ने बताया कि आर्किप्लग उज्जाला बायो एनर्जी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड का मुख्य फोकस एडवांस ड्राई तकनीक पर रहेगा। इस तकनीक की प्रमुख विशेषता पानी की अपेक्षाकृत कम खपत और विभिन्न प्रकार की जैविक सामग्रियों को कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल करने की क्षमता है। मल्टी फीड तकनीक के माध्यम से अलग-अलग तरह के जैविक संसाधनों का उपयोग संभव हो सकता है। किरीट प्रजापति ने कहा कि उन्नत जैव ऊर्जा तकनीक भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। स्वच्छ ऊर्जा के विकल्पों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। इसके लिए आधुनिक तकनीक, प्रभावी संसाधन प्रबंधन और उद्योगों के बीच सहयोग को मजबूत करना जरूरी है।
कंपनी के प्रतिनिधि डॉ. आलोक अग्रवाल ने कहा कि भारत में बायो-सीएनजी यानी कंप्रेस्ड बायोगैस ;सीबीजीद्ध क्षेत्र के विकास के लिए एडवांस्ड मल्टी फीड तकनीक की आवश्यकता है। आर्किप्लग के प्रतिनिधि मिका ने बताया कि आर्किप्लग और उज्जाला बायो एनर्जी सॉल्यूशंस कई वर्षों से इस तकनीक पर काम कर रहे हैं। अब संयुक्त कंपनी के माध्यम से भारत में उन्नत ड्राई तकनीक का विस्तार करने और अधिक से अधिक परियोजनाओं को विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए मीडिया प्रमुख लवी अग्रवाल ने बताया कि मुजफ्फरनगर में बिंदल गु्रप से मिलकर 40 टन का नया प्लांट लगाया जा रहा है, जबकि 2037 तक पांच हजार प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य है। इन प्लांटों में बनने वाली सीएनजी का घरेलू और वाहनों में एक साथ प्रयोग किया जा सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *