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सरदार सुखदर्शन सिंह बेदी की अंतिम अरदास में उमड़ा जनसैलाब

मुजफ्फरनगर। समाजसेवा, सामाजिक एकता और धार्मिक गतिविधियों के क्षेत्र में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाने वाले सरदार सुखदर्शन सिंह बेदी के निधन से पंजाबी समाज सहित विभिन्न वर्गों में शोक की लहर है। बुधवार, 21 अक्टूबर को उनके आकस्मिक निधन के बाद रविवार को रोडवेज के निकट स्थित गुरुद्वारे में उनकी अंतिम अरदास का आयोजन किया गया। इस दौरान जनपद के हजारों लोग गुरुद्वारे में पहुंचे और दिवंगत सरदार सुखदर्शन सिंह बेदी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम अरदास में उमड़ी भीड़ ने उनके प्रति लोगों के सम्मान, आत्मीयता और सामाजिक जुड़ाव को दर्शाया।


लंबे समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित सरदार सुखदर्शन सिंह बेदी के निधन की खबर से उनके परिचितों, शुभचिंतकों और सामाजिक-धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों को गहरा आघात पहुंचा। रविवार को आयोजित अंतिम अरदास में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान लोगों ने उनके साथ बिताए समय को याद करते हुए समाज के प्रति उनके योगदान को नमन किया। शोकाकुल माहौल में उपस्थित लोगों ने परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं और इस कठिन समय में उन्हें संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। सरदार सुखदर्शन सिंह बेदी का सामाजिक जीवन विभिन्न संस्थाओं और संगठनों के साथ जुड़कर समाजहित में कार्य करने के लिए जाना जाता था। वह उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य रह चुके थे। इसके अलावा उन्होंने उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दी थीं। पंजाबी समाज के संरक्षक के रूप में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वह गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे। इन दायित्वों के माध्यम से उन्होंने सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाई तथा समाज के लोगों के बीच अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उनके जीवन का बड़ा हिस्सा समाजसेवा और सामुदायिक गतिविधियों से जुड़ा रहा। विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं से जुड़े रहने के कारण उनका अनेक वर्गों के लोगों से निरंतर संपर्क रहा। सामाजिक जीवन में उनकी सक्रियता और अनुभव के चलते लोग उन्हें मार्गदर्शक के रूप में देखते थे। उनके निधन से पंजाबी समाज ने एक अनुभवी व्यक्तित्व को खो दिया है। अंतिम अरदास में शामिल लोगों ने उनके सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि समाज के प्रति समर्पित व्यक्तित्वों की कमी लंबे समय तक महसूस की जाती है। अंतिम अरदास के अवसर पर राजनीतिक, सामाजिक, व्यापारिक और पत्रकारिता जगत से जुड़ी अनेक प्रमुख हस्तियां भी पहुंचीं। सभी ने सरदार सुखदर्शन सिंह बेदी को श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा, उद्योगपति कुश पुरी, अमित गर्ग, भीम कंसल, राकेश बिंदल, वरिष्ठ पत्रकार आशीष यादव, अंकुर दुआ, सुनील तायल, शलभ गुप्ता, धर्मेंद्र मलिक, शिशुकांत गर्ग, मुफ्ती जुल्फिकार, अभिषेक अग्रवाल, प्रवीण खेड़ा, पुरुषोत्तम कुमार और पीयूष अग्रवाल सहित अनेक लोग मौजूद रहे। गुरुद्वारे में आयोजित अंतिम अरदास के दौरान दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए प्रार्थना की गई। हजारों लोगों की उपस्थिति ने सरदार सुखदर्शन सिंह बेदी के प्रति समाज में व्याप्त सम्मान और उनके साथ जुड़े आत्मीय संबंधों को उजागर किया। उनके निधन से सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र में जो रिक्तता उत्पन्न हुई है, उसे लंबे समय तक महसूस किया जाएगा।

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