मुजफ्फरनगर। नवरात्रि के पावन अवसर पर मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अनूठी पहल की। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की कक्षा आठ की छात्रा अंजनी पाल को एक दिन के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी बनाया गया। सीएमओ की कुर्सी पर बैठने का अवसर मिलने से छात्रा के चेहरे पर खुशी झलक उठी। इस पहल के माध्यम से बालिकाओं को बड़े सपने देखने, शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रेरित किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने अंजनी पाल का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने छात्रा को उपहार देकर उसका उत्साहवर्धन किया और सीएमओ की कुर्सी पर बैठाकर सम्मानित किया। इस दौरान बालिका को यह संदेश दिया गया कि दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और शिक्षा के बल पर वह भविष्य में किसी भी मुकाम तक पहुंच सकती है। एक दिन के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी बनने पर अंजनी पाल ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि सीएमओ की कुर्सी पर बैठकर उन्हें बेहद अच्छा लगा। उनका सपना भविष्य में डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना है। इस विशेष अवसर ने उनके सपने को नई प्रेरणा दी है। अंजनी के लिए यह अनुभव न केवल सम्मान का पल रहा, बल्कि अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने का उत्साह बढ़ाने वाला अवसर भी बना। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना है। बालिकाओं को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेटियों को उचित अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर सकती हैं। नवरात्रि के दौरान आयोजित इस पहल ने महिला सम्मान, बालिका सशक्तीकरण और शिक्षा के महत्व का प्रेरणादायक संदेश दिया। अंजनी पाल को एक दिन के लिए सीएमओ बनाने की पहल का उद्देश्य बालिकाओं के भीतर आत्मविश्वास जगाना और उन्हें भविष्य में जिम्मेदार पदों पर पहुंचने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।




